भारत ने रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में घोषणा किया कि भारत अब अपने पाँचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान (5th Generation Fighter Jet) के लिए स्वदेशी इंजन का निर्माण शुरू करने जा रहा है। यह परियोजना भारत फ्रांस की प्रमुख कंपनी सैफ्रान (Safran) के साथ मिलकर बनाएगा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घोषणा भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच बातचीत के बाद हुई थी। उसके बाद खबर आई कि फ्रांसीसी कंपनी सैफ्रान भारत के लिए लगभग 120 किलो न्यूटन थ्रस्ट वाले टर्बोजेट इंजन का निर्माण करेगी। इस इंजन को भारत के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट एएमसीए (Advanced Medium Combat Aircraft – AMCA) में लगाया जाएगा। इस विमान की पहली टेस्ट फ्लाइट 2028 में प्रस्तावित है।
इस समझौते का मूल्य करीब 7 अरब डॉलर बताया जा रहा है और यह भारत को एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी के सबसे विशेष क्लब में शामिल कर देगा।

भारत चौथा देश बन सकता है 5th Generation Fighter Jet क्लब का सदस्य
अब तक केवल तीन देश अमेरिका, रूस और चीन ही पाँचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने की क्षमता रखते हैं। अगर भारत का यह प्रोजेक्ट सफल होता है तो भारत चौथा देश होगा जिसके पास यह अत्याधुनिक तकनीक होगी। वहीं तुर्की, दक्षिण कोरिया और जापान भी अपनी-अपनी 5th generation fighter jet परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं।
एएमसीए (AMCA) भारत की सबसे महत्वाकांक्षी रक्षा परियोजनाओं में से एक है। इसे एयर सुप्रीमेसी, ग्राउंड अटैक और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जैसे मिशनों के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन 2035 से शुरू करने की योजना है।
15,000 करोड़ की स्वीकृति
भारत सरकार ने एएमसीए के लिए 15,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस राशि का उपयोग डिजाइन और विकास के साथ-साथ पाँच प्रोटोटाइप बनाने में किया जाएगा।पाँचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को युद्ध में गेम-चेंजर माना जाता है। इनमें कई उन्नत तकनीकें शामिल होती हैं जैसे:
- स्टेल्थ कोटिंग (Stealth Coating): दुश्मन के रडार से लगभग अदृश्य।
- एडवांस्ड सेंसर सिस्टम: एक साथ कई लक्ष्यों को ट्रैक करने की क्षमता।
- सुपरक्रूज़ टेक्नोलॉजी: बिना आफ्टरबर्नर के लगातार सुपरसोनिक उड़ान।
- फ्लाइंग कंप्यूटर: उन्नत एवियोनिक्स और घातक हथियार क्षमता।
इस तरह के विमान किसी भी देश को जबरदस्त एयर सुपरियोरिटी प्रदान करते हैं।
आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ा कदम
अब तक भारत को अपने लड़ाकू विमानों के लिए विदेशी इंजन पर निर्भर रहना पड़ता था। कई बार विदेशी आपूर्तिकर्ताओं से तकनीक प्राप्त करने में बाधाएं आईं, जिससे भारत की योजनाएं प्रभावित हुईं। लेकिन अब भारत का लक्ष्य है कि वह 110 किलो न्यूटन थ्रस्ट क्लास इंजन को स्वदेशी स्तर पर विकसित करे। यह इंजन 25 टन वजनी एएमसीए को ताकत देगा।
इससे भारत को विदेशी तकनीक या आपूर्ति पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। न तो किसी देश से इंजन के लिए गुहार लगानी होगी और न ही किसी तरह की टेक्नोलॉजी ब्लैकमेलिंग का डर रहेगा। यह भारत की रणनीतिक आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है।
भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी और मजबूत
भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग लगातार गहराता जा रहा है। फ्रांस ने भारत को पहले ही आधुनिक राफेल फाइटर जेट्स उपलब्ध कराए हैं, जिनका उपयोग भारतीय वायुसेना और नौसेना दोनों कर रही है। इसके अलावा, भारत की स्कॉर्पीन क्लास डीज़ल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों के निर्माण में भी फ्रांस ने अहम भूमिका निभाई है।
अब इंजन (5th Generation Fighter Jet) निर्माण की इस साझेदारी से दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध और मजबूत होंगे। यह केवल एक डिफेंस डील नहीं बल्कि लंबे समय तक चलने वाला सहयोग है जो भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
एशियाई आसमान में शक्ति संतुलन बदलेगा
भारत के सामने इस समय चीन और पाकिस्तान जैसे दो मोर्चों पर चुनौती है। ऐसे हालात में पाँचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान (5th Generation Fighter Jet) भारत को जबरदस्त बढ़त दिला सकता है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का खरीदार से निर्माता बनने का यह सफर भू-राजनीतिक बदलाव (tectonic shift) है। दशकों तक भारत आयातित तकनीक पर निर्भर रहा, लेकिन अब वह एक प्रतिस्पर्धी (competitor) के रूप में उभर रहा है।
निष्कर्ष
भारत का 5th Generation Fighter Jet निर्माण कार्यक्रम केवल रक्षा क्षेत्र में ही नहीं बल्कि तकनीकी और औद्योगिक दृष्टिकोण से भी क्रांतिकारी साबित होगा। 2028 में होने वाली पहली टेस्ट फ्लाइट भारत की आत्मनिर्भरता की नई पहचान बनेगी और आने वाले समय में एएमसीए एशिया के आसमान में शक्ति संतुलन बदल सकता है।
यह केवल विमान निर्माण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि भारत की उस रणनीतिक स्वतंत्रता की ओर यात्रा है, जहां भारत अपने दम पर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
“Source –> Wion “
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FAQ (Frequently Asked Questions)
Q1. भारत का पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान (AMCA) कब उड़ान भरेगा?
भारत का पहला पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान 2028 में टेस्ट फ्लाइट के लिए तैयार होगा।
Q2. AMCA प्रोजेक्ट में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
भारत इस प्रोजेक्ट में फ्रांस की कंपनी Safran के साथ मिलकर इंजन का निर्माण कर रहा है।
Q3. AMCA किस तरह का विमान होगा?
एएमसीए (Advanced Medium Combat Aircraft) एक स्टेल्थ फाइटर जेट होगा, जो एयर सुप्रीमेसी, ग्राउंड अटैक और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर मिशनों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Q4. AMCA इंजन की क्षमता कितनी होगी?
फ्रांस की कंपनी Safran भारत के लिए लगभग 120 किलो न्यूटन थ्रस्ट वाला टर्बोजेट इंजन विकसित करेगा। साथ ही, भविष्य में भारत का लक्ष्य 110 किलो न्यूटन क्लास इंजन स्वदेशी स्तर पर बनाना है।
Q5. भारत सरकार ने इस प्रोजेक्ट पर कितना निवेश किया है?
भारतीय सरकार ने 15,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जिसके अंतर्गत डिजाइन, विकास और 5 प्रोटोटाइप बनाए जाएंगे।
Q6. AMCA का बड़े पैमाने पर उत्पादन कब शुरू होगा?
भारत का लक्ष्य है कि 2035 से एएमसीए का मास प्रोडक्शन शुरू कर दिया जाए।










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