वर्तमान समय में पैसों का लेन देन बहुत आसान हो गया है। ये संभव हो पाया है डिजिटल पेमेंट UPI के जरिए। UPI यानी Unified Payment Interface जिसे NPCI (National Payments Corporation of India) ने वर्ष 2016 में विकसित किया था।
बीते हुए वित्त वर्ष 2019-20 से लेकर वित्त वर्ष 2024-25 तक यानी 6 साल में लगभग 65000 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन हुए हैं। इस 6 साल में 12000 लाख करोड़ रूपये का लेनदेन हुआ है।
यूपीआई के जरिए जून 2025 में 18 अरब से ज्यादा ट्रांजैक्शन हुए हैं। यूपीआई के जरिए जून महीने में करीब ₹24 लाख करोड़ रूपये से ज्यादा का कारोबार किया गया है। देश में कुल डिजिटल ट्रांजेक्शन का 85% यूपीआई के माध्यम से ही हो रहा है। जब हम रियल टाइम डिजिटल पेमेंट की बात करते हैं तब दुनिया का करीब 50% रियल टाइम डिजिटल भुगतान भारत के यूपीआई से है। भारत में 49.1 करोड़ से ज्यादा लोग और 6.5 करोड़ से अधिक व्यापारी इस यूपीआई से जुड़े हुए हैं। भारत में 675 बैंक का एक बड़ा नेटवर्क यूपीआई को बेहतर बना रहा है। भारत में UPI से होने वाले लेनदेन लगातार बढ़ रहा है। UPI की सुविधाओं को और बेहतर बनाना होगा। UPI के जरिए बिना किसी बाधा के तेज भुगतान करने के लिए इसके नियमों में बदलाव हुए है।
UPI के नये नियम में क्या ख़ास है ?
UPI के नये नियम 1 अगस्त 2025 से लागू कर दिए गए है। ये नियम इस प्रकार हैं –
यूपीआई ऐप के जरिए बैलेंस चेक की लिमिट तय-
पहले दिन भर में आप कभी भी अपना बैलेंस चेक कर लेते थे। लेकिन अब आप दिन भर में सिर्फ 50 बार ही बैलेंस को चेक कर पाएंगे। इसके साथ ही हर पेमेंट के बाद आपको बैलेंस की जानकारी मिलेगी।
ऑटो पे मोड से पेमेंट्स पर टाइम स्लॉट निर्धारित-
अब से सिर्फ तीन स्लॉट में ही ऑटो पे काम करेगा।
पहला टाइम स्लॉट-
सुबह 10:00 बजे से पहले ऑटो पे हो सकता है।
दूसरा टाइम स्लॉट-
दोपहर में 1:00 बजे से लेकर शाम के 5:00 बजे तक ऑटो पे हो सकता है।
तीसरा टाइम स्लॉट-
रात 9:30 बजे के बाद।
सुबह के 10:00 बजे से लेकर दोपहर के 1:00 बजे तक का टाइम को माना जाता है कि इसमें बैंकिंग का ज्यादा काम होता है और ऐसे सिस्टम स्लो हो जाता है।
ट्रांजैक्शन हिस्ट्री देखने का लिमिट तय-
अब आप सिर्फ 25 बार ट्रांजैक्शन हिस्ट्री देख सकेंगे। इसके साथ-साथ ऐसे ट्रांजैक्शन जो फेल हो जाते हैं या पेंडिंग होती है उनका स्टेटस दिन में सिर्फ तीन बार चेक कर पाएंगे और वो भी ट्रांजैक्शन के 90 सेकंड बाद।
पेमेंट रिवर्सल की भी तय की गई लिमिट-
अगर किसी वजह से पेमेंट वापस आती है तो महीने में सिर्फ 10 बार पेमेंट वापसी की रिक्वेस्ट कर सकते हैं और किसी भी व्यक्ति या व्यापारी से आप महीने में सिर्फ 5 बार ही पेमेंट रिक्वेस्ट कर पाएंगे।
आगे की राह
UPI का इस्तेमाल भारत ही नहीं बल्कि देश के बाहर भी इसका जलवा देखने को मिल रहा है। सात देशों में यूपीआई पहले से ही मौजूद है। जिनमें भूटान, मॉरीशस, नेपाल, सिंगापुर,श्रीलंका, यूएई में इस वक्त यूपीआई मौजूद है और यूपीआई के जरिए पेमेंट वहां पर किए जा रहे हैं। यूरोप में फ्रांस पहला देश है जहां पर यूपीआई से भुगतान अब मुमकिन है। भारत ब्रिक्स समूह में यूपीआई के मानक बनाने की भी कोशिश में है अर्थात ब्रिक्स समूह के देश में भी यूपीआई लागू करने की एक कोशिश भारत की तरफ से की जा रही है।
आने वाले समय में UPI पर ट्रांजेक्शन का भार और बढ़ेगा। NPCI को UPI के ज़रिए बिना रुकावट सेवाओं को जारी रखने के लिए समय-समय पर इसी तरह नियमों में सुधार किए जा सकते हैं।










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